॥ सह-अस्तित्व ॥
मध्यस्थ दर्शन
सह-अस्तित्ववादी अनुभवमूलक जीवन दृष्टि
अस्तित्व सह-अस्तित्व के रूप में नित्य वर्तमान है।
अस्तित्व सह-अस्तित्व के रूप में नित्य वर्तमान है।
समझ ही सुख है — समझदारी से जीना ही मानवीयता है।
समझ ही सुख है — समझदारी से जीना ही मानवीयता है।
हर मनुष्य सुखी होना चाहता है, और सुख समाधान से ही सम्भव है।
हर मनुष्य सुखी होना चाहता है, और सुख समाधान से ही सम्भव है।
परिवार से आरम्भ कर समाज तक — सम्बन्धों में मूल्य ही जीवन है।
परिवार से आरम्भ कर समाज तक — सम्बन्धों में मूल्य ही जीवन है।
मध्यस्थ दर्शन में आपका हार्दिक स्वागत है
मध्यस्थ दर्शन एक अनुभवमूलक जीवन दृष्टि है — जो मानव को समझ, सम्बन्ध और सह-अस्तित्व की दिशा में ले जाती है। यहाँ हम जीवन को समग्रता में देखने का अभ्यास करते हैं।
"अस्तित्व सह-अस्तित्व के रूप में नित्य वर्तमान है।"
इस यात्रा में हम स्वयं को, परिवार को और समाज को एक नई दृष्टि से समझने का प्रयास करते हैं।
शिविर में क्या होता है
एक सहज, अनुभवमूलक यात्रा।
सहज वातावरण
शांत, प्राकृतिक परिवेश में सरल जीवन एवं संवाद।
अनुभवमूलक अध्ययन
रटना नहीं — स्वयं के अनुभव से समझ का विकास।
खुला संवाद
जीवन के हर प्रश्न पर निःसंकोच चर्चा एवं समाधान।
समाधान की दिशा
स्वयं से परिवार और समाज तक — व्यावहारिक जीवन दृष्टि।
आगामी तिथियाँ
पूरा कैलेंडर →झलकियाँ
पूरी गैलरी →प्रवचन एवं वीडियो
मध्यस्थ दर्शन में मानव मूल्य — व्याख्यान १ (AKTU)
पूज्य ए. नागराज जी की जीवनकथा — डॉ. श्याम कुमार
जीवन विद्या परिचय — परिचय शिविर, दिल्ली
युवा शिविर — दिवस १ सत्र १
परिवार, परवरिश व प्यार पर गहरी चर्चा — जयपुर
मानव व्यवहार दर्शन (सार सत्र) — पूर्वभूमिका
दृष्टि के स्रोत
मध्यस्थ दर्शन (सह-अस्तित्ववाद) एक सहज जीवन दृष्टि है — जो अनुभव के आधार पर मानव को समझ, सम्बन्ध एवं समाधान की ओर ले जाती है।
और जानेंइस यात्रा में सहभागी बनें
जीवन को समझ, सम्बन्ध एवं समाधान की दृष्टि से जीने का अभ्यास — आपके अपने परिवार से आरम्भ।
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